Mi 10 और Mi 10 Pro स्मार्टफोन को जल्द ही एंड्रॉयड 11 बीटा 1 अपडेट मिलने वाला है। Google ने हाल ही में एंड्रॉयड 11 बीटा अपडेट अपने पिक्सल फोन के लिए ज़ारी किया था, इसके बाद ही शाओमी ने अब घोषणा की है कि जल्द ही उसके कुछ फोन में इस अपडेट को लाया जाएगा। बता दें, साल 2018 में गूगल ने अपने बीटा प्रोग्राम का विस्तार नॉन-पिक्सल और नॉन-नेक्सस डिवाइस व अन्य कंपनी जैसे OnePlus, Oppo, और Xiaomi को अपने एंड्रॉयड बीटा प्रोग्राम का हिस्सा बनाया था। साल 2019 में शाओमी के कुछ ऐसे फोन थे जिन्होंने एंड्रॉयड क्यू बीटा में हिस्सा लिया था, जैसे Mi 9, Redmi K20 Pro, और Mi Mix 3G। इस साल एक बार फिर शाओमी हिस्सा लेने की घोषणा की है, जिसमें Mi 10 सीरीज़ शामिल हो सकती है।
 
Xiaomi ने अपने MIUI ट्विटर हैंडल के जरिए ऐलान किया है कि Mi 10 और Mi 10 Pro को जल्द ही एंड्रॉयड 11 बीटा 1 अपडेट मिलने वाला है। हालांकि, यह अपडेट दोनों फोन के लिए कब रोलआउट किया जाएगा, इसकी सटीक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, कंपनी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती है। इसके अलावा शाओमी ने यह जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की है कि मी 10 और मी 10 प्रो यूज़र्स इस बीटा अपडेट के लिए किस तरह से इनरोल कर सकते हैं। उम्मीद है कि इच्छुक यूज़र्स के लिए यह सभी जानकारी आने वाले दिनों में सामने ला दी जाएगी। हालांकि, यह गौर देना भी जरूरी है कि समान्य तौर पर इस तरह के बीटा रिलीज़ में बग शामिल होते हैं, तो यदि आप मी 10 और मी 10 प्रो को अपने दैनिक इस्तेमाल के लिए उपयोग करते हैं, तो हम आपको यह टेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट डाउनलोड न करने की सलाह देंगे।

शाओमी इंडिया के चीफ मनु कुमार जैन ने ट्वीट करते हुए भी जानकारी दी कि एंड्रॉयड 11 बीटा अपडेट मी 10 भारतीय यूज़र्स के लिए उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अपडेट रजिस्ट्रेशन व रोलआउट की ज्यादा जानकारी के लिए वह शाओमी इंडिया और मीयूआई इंडिया के ट्विटर हैंडल को फॉलो कर सकते हैं।

एंड्रॉयड 11 बीटा के नए फीचर्स में चैट बबल्स, इम्प्रूव्ड मीडिया कंट्रोल और इम्प्रूव्ड कंट्रोल ओवर सेंसिटिव परमिशन्स आदि शामिल हैं। चैट बबल फीचर को ऑपरेटिंग सिस्टम में इंटीग्रेट किया गया है, जिसे इससे पहले आपने फेसबुक मैसेंजर जैसे ऐप्स में देखा हुआ है। इस फीचर की मदद से आप वर्तमान में जो ऐप इसस्तेमाल कर रहे हैं, उसे छोड़े बिना चैट का रिप्लाई कर सकते हैं। एंड्रॉयड 11 बीटा 1 एक नया पावर बटन मैन्यू भी लेकर आता है, जिसके जरिए यूज़र्स कनेक्टेड डिवाइस को आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। हैंकिंग आदि समस्या को बढ़ता देख ऐप पर अधिक granulated कंट्रोल पेश किया गया है। इसमें यूज़र्स को कैमरा, माइक्रोफोन व लोकेशन आदि के लिए वन-टाइम एक्सेस देने की जरूरत पड़ेगी, यानी अगली बार इनका इस्तेमाल करते हुए फिर से आपसे परमिशन मांगी जाएगी।